यूपी के पीलीभीत में 60 साल के बुजुर्ग ने 9 साल की बच्ची को बंधक बनाकर 2 दिनों तक रेप किया। 14 जून (रविवार) को बच्ची चप्पल लेने बाजार गई थी। इसी दौरान मोहम्मद उमर ने बच्ची को अगवा कर लिया। परिवारवाले 2 दिन तक बच्ची की तलाश करते रहे, लेकिन वह नहीं मिली।
मंगलवार को उमर के घर के सामने रहने वाले युवक ने चोरी-छिपे बच्ची से रेप करते हुए वीडियो बना लिया और परिवार को भेज दिया। वीडियो देखकर परिवारवाले उमर के घर पहुंचे। वहां बच्ची बदहवास पड़ी थी। जबकि, उमर घर से भाग गया था।
परिवार ने उमर की गंदी हरकत का वीडियो पुलिस को सौंपा। साथ ही, भीड़ ने थाने का घेराव कर कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद पुलिस ने 16 जून की देर रात उमर को गांव के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। वह पीलीभीत से भागने की फिराक में था।
बुधवार शाम पीलीभीत के एसपी सुकीर्ति माधव मिश्रा ने बताया कि उमर को जेल भेज दिया है। वहीं, पुलिस लाइन में उमर लंगड़ाता हुआ नजर आया। इतना ही नहीं, गांव उगनपुर में अवैध घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। घटना जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर सुनगढ़ी थाना क्षेत्र की है।बच्ची से रेप के आरोपी मोहम्मद उमर के गांव उगनपुर में अवैध घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान SDM अमरिया मयंक गोस्वामी, तहसीलदार अमरिया विदेह सिंह और CO दीपक चतुर्वेदी मौजूद रहे। एसडीएम मयंक गोस्वामी ने बताया- मोहम्मद उमर का घर सरकारी जमीन पर बना था। यह जमीन राजस्व विभाग की ‘श्रेणी 5’ के अंतर्गत आती है। अवैध अतिक्रमण होने की वजह से घर को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया है।परिजनों ने बताया- बच्ची कक्षा 4 में पढ़ती है। वह चार भाई-बहनों में सबसे छोटी है। इसके अलावा दो बड़े भाई और एक बड़ी बहन हैं। बच्ची के पिता गांव से 200-300 मीटर दूर बाजार में एक दुकान पर काम करते हैं।
आरोपी मोहम्मद उमर गांव में अकेले रहता है। वह कोई काम नहीं करता। उसकी पत्नी की कई साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। एक महीने पहले एक बेटे की भी मौत हो गई थी। दूसरा बेटा शहर में नौकरी करता है। बेटी की शादी हो चुकी है।
बहला-फुसलाकर बच्ची को घर ले गया आरोपी
पुलिस के अनुसार, बच्ची रविवार दोपहर बाजार में पिता के पास गई। पिता से नई चप्पल खरीदने को कहा। पिता ने बगल वाले दुकानदार से कहा कि बेटी को चप्पल दे दें। इसके बाद बच्ची चप्पल की दुकान पर चली गई। पिता अपने काम में लग गए। इसी बीच आरोपी उमर आया और बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया।
थोड़ी देर बाद पिता को बेटी का ध्यान आया। उन्होंने बगल वाली दुकान पर देखा, लेकिन बच्ची वहां नहीं थी। उन्हें लगा कि वह घर चली गई होगी। पिता दुकान से काम करके लौटे तो बच्ची घर पर भी नहीं थी। उन्होंने काफी खोजबीन की, लेकिन बच्ची का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद उसी दिन पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई।नशीला पदार्थ खिलाकर रेप किया पुलिस के मुताबिक, उमर ने घर पर बच्ची को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। इसके बाद दो दिनों तक बच्ची से रेप किया। आरोपी के घर के सामने रहने वाले एक युवक ने उसका वीडियो बनाकर परिवार को भेजा। इसमें आरोपी बच्ची से अश्लील हरकर दिख रहा है। वीडियो देखकर परिजन भागकर आरोपी के घर पहुंचे, वहां बच्ची बदहवास हालत में मिली।
एसपी बोलीं- फास्ट ट्रैक कोर्ट से जल्द से जल्द सजा दिलाएंगे
एसपी सुकीर्ति माधव मिश्रा ने बताया-
बच्ची से रेप का एक आपत्तिजनक वीडियो मिला है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्ची का मेडिकल कराया गया है। आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल कराकर जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
इस मामले को लेकर यूपी सरकार के राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने पीलीभीत स्थित अपने कार्यालय पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने घटना पर कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा- मैंने एसपी से बात कर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करवा लिया है, लेकिन कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। ऐसी नजीर पेश की जाएगी कि उसकी सात पुश्तें याद रखेंगी।
घटना को लेकर प्रमोद त्यागी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व हिंदू महासंघ भारत (Vishv Hindu Mahasangh Bharat) ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मासूम बच्ची के साथ हुई इस जघन्य वारदात ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और ऐसे अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में चल रही कार्रवाई को तेज किया जाए तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द से जल्द कठोर सजा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार और प्रशासन को शून्य सहिष्णुता की नीति अपनानी चाहिए।
प्रमोद त्यागी ने कहा कि ऐसी घटनाएं केवल एक परिवार नहीं बल्कि पूरे समाज को आहत करती हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि बच्चियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
