Nepal के कोसी प्रदेश के सुनसरी जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटना पर विश्व हिंदू महासंघ भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए नेपाल सरकार से दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और हिंदू समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रमोद त्यागी ने जारी बयान में कहा कि उन्हें प्राप्त जानकारी के अनुसार कोसी प्रदेश के सुनसरी जिले के देवानगंज गाँवपालिका वार्ड नंबर-3, कप्तानगंज में धार्मिक कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान विवाद के बाद हिंसक झड़प हुई, जिसमें करीब 10 हिंदू युवकों को गोली लगने तथा ओम प्रकाश मेहता नामक एक हिंदू युवक की मृत्यु होने की सूचना है। उन्होंने कहा कि यदि यह घटना सत्य है तो यह अत्यंत गंभीर और निंदनीय है तथा इसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
विश्व हिंदू महासंघ भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर में पूजा की तैयारियों के दौरान भजन और डीजे चल रहा था। इसी दौरान विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान गोलीबारी और कई लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
प्रमोद त्यागी ने कहा कि घटना के समय लगभग एक घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की भी जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो पूरे घटनाक्रम की सभी पहलुओं से गहन जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।
उन्होंने दिवंगत ओम प्रकाश मेहता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा अस्पताल में उपचाराधीन सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
विश्व हिंदू महासंघ भारत ने नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन से अपील की कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाए तथा क्षेत्र में सभी नागरिकों की सुरक्षा और शांति व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रमोद त्यागी ने कहा कि किसी भी निर्दोष नागरिक के साथ हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती और धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता एवं निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध अत्यंत गहरे हैं। ऐसे में दोनों देशों के समाज के बीच सौहार्द और विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने सभी पक्षों से शांति, संयम और कानून का पालन करने की भी अपील की।
उल्लेखनीय है कि नेपाल प्रशासन के अनुसार सुनसरी जिले में हालिया विवाद के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रभावित क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू की गई है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। घटना से जुड़े विभिन्न पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
