Vishv Hindu Mahasangh Bharat के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद त्यागी (एडवोकेट) ने बेटियों की सुरक्षा, अभिभावकों की जिम्मेदारी और सामाजिक जागरूकता को लेकर एक सार्वजनिक बयान जारी किया है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों की सुरक्षा, गतिविधियों और उनके सामाजिक परिवेश पर नियमित रूप से ध्यान देने की अपील की है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दी जानी चाहिए।
प्रमोद त्यागी ने अपने संदेश में पारिवारिक संवाद, सामाजिक सहयोग और कानून के दायरे में रहकर सतर्क नागरिक की भूमिका निभाने पर विशेष बल दिया।
बेटियों की सुरक्षा को बताया समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
प्रमोद त्यागी ने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों के लिए बच्चों की सुरक्षा और मार्गदर्शन पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि वे उनकी गतिविधियों, मित्र मंडली और दैनिक दिनचर्या से पूरी तरह परिचित रह सकें।
उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
कुछ संस्थानों के दुरुपयोग की आशंका जताई
अपने बयान में प्रमोद त्यागी ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर कोचिंग सेंटर, डांस क्लास, सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े केंद्र, हॉस्टल, कॉल सेंटर, ब्यूटी पार्लर, स्पा सेंटर, योगा क्लास, जिम तथा अन्य संस्थानों का कथित रूप से दुरुपयोग किए जाने की आशंका सामने आती रही है।
उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर अथवा दूसरी पहचान का इस्तेमाल कर युवतियों का विश्वास जीतने का प्रयास करते हैं। हालांकि उन्होंने किसी विशेष संस्था, व्यक्ति या स्थान का नाम नहीं लिया और अपने बयान को सामान्य सतर्कता के संदर्भ में रखा।
अभिभावकों से बच्चों की दिनचर्या पर नियमित नजर रखने की अपील
विश्व हिन्दू महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अभिभावकों से कहा कि वे अपने बच्चों के मित्रों, उनके आने-जाने के स्थानों, पढ़ाई या प्रशिक्षण से जुड़े संस्थानों तथा उनकी दैनिक गतिविधियों की जानकारी समय-समय पर लेते रहें।
उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में बच्चों का प्रवेश कराने से पहले उसकी विश्वसनीयता, पंजीकरण और अन्य आवश्यक तथ्यों की जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है। इससे किसी भी संभावित समस्या से समय रहते बचाव किया जा सकता है।
संदिग्ध मामलों की सूचना सीधे पुलिस और प्रशासन को देने की सलाह
प्रमोद त्यागी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, धोखाधड़ी या कानून के उल्लंघन से जुड़ी जानकारी सामने आती है, तो लोगों को स्वयं कार्रवाई करने के बजाय तुरंत संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन का दायित्व है और नागरिकों को कानून का पालन करते हुए जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए।
सामाजिक जागरूकता और पारिवारिक संवाद पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों के भीतर खुला संवाद और बच्चों के साथ विश्वास का संबंध बेहद आवश्यक है। यदि अभिभावक अपने बच्चों से नियमित बातचीत करें और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करें, तो कई संभावित समस्याओं को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सकता है।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों से सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और सकारात्मक वातावरण तैयार करने में सहयोग करने की अपील की।
कानून के दायरे में रहकर जागरूक नागरिक बनने का आह्वान
प्रमोद त्यागी ने अपने संदेश में लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर अफवाह फैलाने या स्वयं कानून हाथ में लेने के बजाय संबंधित एजेंसियों को सूचना दें और प्रशासनिक प्रक्रिया पर भरोसा रखें।
उन्होंने कहा कि सामूहिक सतर्कता, जिम्मेदार नागरिकता और प्रशासन के साथ सहयोग से ही सुरक्षित सामाजिक वातावरण तैयार किया जा सकता है।
सुरक्षित समाज के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक
सामाजिक विशेषज्ञों का भी मानना है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में परिवार, शिक्षण संस्थान, समाज और प्रशासन सभी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अभिभावकों का बच्चों के साथ नियमित संवाद, उनकी गतिविधियों की जानकारी और कानून के प्रति जागरूकता सुरक्षित वातावरण बनाने में सहायक हो सकती है।
साथ ही, किसी भी आरोप या संदेह की स्थिति में तथ्यों की पुष्टि और कानून के अनुरूप कार्रवाई आवश्यक होती है, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या संस्था के अधिकार प्रभावित न हों।
विश्व हिन्दू महासंघ भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद त्यागी (एडवोकेट) ने अपने बयान में अभिभावकों से बच्चों, विशेषकर बेटियों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने, पारिवारिक संवाद मजबूत करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस और प्रशासन को देने की अपील की है। उन्होंने कानून का सम्मान करते हुए सामाजिक जागरूकता और सामूहिक सहयोग के माध्यम से सुरक्षित वातावरण बनाने पर जोर दिया। किसी भी आरोप या आशंका की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा ही की जानी चाहिए और सभी पक्षों के साथ कानून के अनुसार निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
