जय श्री राम!
मैं, प्रमोद त्यागी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व हिंदू महासंघ भारत (Vishwa Hindu Mahasangh Bharat), अपने समस्त पदाधिकारीगण, कार्यकर्ताओं, मातृशक्ति, युवा साथियों तथा संगठन के शुभचिंतकों को यह संदेश समर्पित करता हूँ।
सबसे पहले मैं आप सभी का हृदय से अभिनंदन करता हूँ, क्योंकि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति उसके पदों में नहीं, बल्कि उसके समर्पित कार्यकर्ताओं में होती है। आप सभी के अथक परिश्रम, त्याग और सेवा भाव के कारण ही विश्व हिंदू महासंघ भारत आज समाज के बीच अपनी सशक्त पहचान बना रहा है।
मैं आप सबसे कहना चाहता हूँ कि मुझे अपना अध्यक्ष नहीं, अपना सहयोगी और अपना सेवक समझें। संगठन में पद बड़ा नहीं होता, जिम्मेदारी बड़ी होती है। और मैं आपकी प्रत्येक जिम्मेदारी, प्रत्येक संघर्ष, प्रत्येक समस्या और प्रत्येक सुझाव में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूँ।
विश्व हिंदू महासंघ भारत केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक परिवार है। परिवार की शक्ति उसके आपसी विश्वास, सम्मान और संवाद में निहित होती है। इसलिए संगठन का कोई भी कार्यकर्ता स्वयं को अकेला न समझे। आपका हर सुख-दुःख, हर चिंता और हर संघर्ष मेरा भी है।
पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज, गोरक्षपीठाधीश्वर, हमारे प्रेरणा स्रोत हैं। उनका संदेश स्पष्ट है कि राष्ट्र, धर्म और समाज की सेवा ही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य है। उन्होंने कहा है कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्यों का महापर्व है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए हमें संगठन को मजबूत करना, मातृशक्ति का सम्मान करना, युवाओं को संस्कारित करना तथा सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहना है।
आज समय की मांग है कि हम समाज को संगठित करें, सामाजिक समरसता को बढ़ावा दें, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें और सनातन संस्कृति के गौरव को नई पीढ़ी तक पहुँचाएँ। जब समाज संगठित होगा, तभी राष्ट्र सशक्त होगा।
मैं संगठन (Vishwa Hindu Mahasangh Bharat) के प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता से अपेक्षा करता हूँ कि वे अनुशासन, सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन का आधार बनाएं। हम किसी के विरोध के लिए नहीं, बल्कि समाज के उत्थान, सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य कर रहे हैं।
मैं यह सार्वजनिक संकल्प दोहराता हूँ कि जब तक मेरे शरीर में प्राण हैं, तब तक मैं संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता के मान-सम्मान, अधिकार और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहूँगा। किसी भी कार्यकर्ता को अन्याय, उपेक्षा या निराशा का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान दें जो सांस्कृतिक रूप से जागृत, सामाजिक रूप से संगठित और राष्ट्रीय रूप से सशक्त हो।
संगठित हिंदू – सशक्त राष्ट्र
आपका सेवक,
प्रमोद त्यागी (एडवोकेट)
राष्ट्रीय अध्यक्ष
विश्व हिंदू महासंघ भारत
जय श्री राम!
